Ganesh Ji Bhajan - Hindi / English Lyrics Gan Vighan Haran Shubh / गण विघ्न हरण - शुभ करण बुद्धि के दाता
गणेश जी भजन
Ganesh Ji Bhajan
Hindi Lyrics / हिंदी लिरिक्स
गण विघ्न हरण - शुभ करण बुद्धि के दाता,
मै तेरा दास तुम हो मेरे पितु माता ||
गणेश जी भजन
Ganesh Ji Bhajan
Hindi Lyrics / हिंदी लिरिक्स
गण विघ्न हरण - शुभ करण बुद्धि के दाता,
मै तेरा दास तुम हो मेरे पितु माता ||
गण विघ्न हरण - शुभ करण बुद्धि के दाता,
मै तेरा दास तुम हो मेरे पितु माता ||
तेरी लीला अद्भुत, चरित्र मनोहर भारी,
सोने का मुकुट सिर, छात्र दिगंबर धारी,
मोतियन की माल गल, तांकी शोभा भारी,
कर परसलीए मूसे पे करो सवारी,
तेरा नाम लिए से विघ्न दूर हो जाता || मैं तेरा ||
छुम छन छन न न न न, पैरों में पैजन बाजे,
तेरा भक्त जगत में कोई नहीं मोहताजे,
चढ़े घीरत सिन्दूर, सिर मोतियन मांग बिराजे,
दुष्टन के उपर सदा सिंह जु गाजे,
मुझे तेरी आस तुम रहो सदा सुख दाता || मैं तेरा ||
सब शुभ कारज में, पहले पूजा तेरी,
तुम बिना काज ना सरे, अरज सुनो मेरी,
रिद्धि सिद्धि को लेकर, करो भवन में फेरी,
करो ऐसी कृपा, नित करूँ भजन में ढेरी,
दयो राम भक्ति मैं और कछु नहीं चाहता || मैं तेरा ||
तुम सकल देव के देव, शिरोमणि राजा,
तेरे सन्मुख सूंदर, बाजे नौबत बाजा,
तेरे लाकर, मोदक भोग, लगाउ ताजा,
कर लहार मार की, आज श्री गुण महाराजा,
यह हरिराम सिखवाल, तेरा गुण गाता || मैं तेरा ||
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